कार्यशाला के तीसरे दिन प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए ब्रह्मर्षि विशाल जी ने कहा कि व्यक्तिगत स्वार्थ एवं रक्त संबंधों से ऊपर उठकर सर्वजन हिताय को मुख्य लक्ष्य रखना ही व्यक्ति को महान बनाता है। उन्होंने शहीद भगत सिंह सहित अन्य योद्धाओं और देशभक्तों का उदाहरण देते हुए दर्शकों को मानवता के कल्याण के लिए सदैव सक्रिय रहने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि हम उन सैनिकों और अन्य योद्धाओं को सलाम करते हैं जो अपने परिवार से ऊपर उठकर पूरे देश के हितों के लिए लड़ते हैं क्योंकि उन्होंने लाखों देशवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपने जीवन को अपने परिवार के हितों से ऊपर रखा है। इसके साथ ही ब्रह्मर्षि विशाल जी ने अभिभावकों को अपने बच्चों पर अनावश्यक दबाव न डालने की सलाह देते हुए कहा कि आज के भागदौड़ और प्रतिस्पर्धा के युग में बच्चों पर डाला जाने वाला दबाव ही घरों में बढ़ती कलह और सामाजिक रिश्तों में दूरियां बढ़ने का असली कारण है।
महान व्यक्तित्व का स्वामी बनने के लिए स्वस्थ शरीर के साथ-साथ उच्च मानसिकता की आवश्यकता पर बल देते हुए ब्रह्मर्षि विशाल जी ने प्रतिभागियों को लाभकारी योग आसन सिखाए, इस समय उपस्थित पुरुषों, महिलाओं और बच्चों ने संगीत की धुनों पर नृत्य सत्र का खूब आनंद लिया।
रोजाना सुबह 5 बजे से शाम 7 बजे तक चलने वाली इस जीवन-परिवर्तनकारी कार्यशाला में पहली बार पंजीकृत प्रतिभागियों के अलावा, पीले कार्ड धारक प्रशिक्षु जो पहले से ही इस कार्यशाला में भाग ले चुके हैं, वे भी इस जीवन-परिवर्तनकारी कार्यशाला में अधिक ऊर्जा के साथ कार्यशाला में भाग लेकर लाभ उठा सकते हैं।
चित्र परिचय
22 से 28 जनवरी तक लधेवाली रोड जालंधर में होने वाली वर्कशॉप की झलकियाँ