उधर आरसी गुरचरण सिंह ने कहा कि माननीय हाईकोर्ट के आदेशों के अनुसार बिना एनओसी के कोई भी रजिस्ट्री दर्ज नहीं की जाती वह हर जांच के लिए तैयार है। अगर कोई ऐसी रजिस्ट्री सामने आती है जिसकी एनओसी न हो तो वह सरकार की हर सजा के लिए तैयार है। सब रजिस्ट्रार-2 जगसीर सिंह सरां ने कहा कि गुलशन सारंगल काफी तैहश में था और जब उसे बिना एनओसी के रजिस्ट्री दर्ज करने के लिए मना कर दिया तो उसने कागज फाड़ दिए और दोनो में बहस शुरु हो गई।
बता दें कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में दर्ज हुई एक याचिका सुनवाई दौरान जारी निर्देशों अनुसार बिना जेडीए तथा नगर निगम की एनओसी के बिना किसी भी प्लाट की रजिस्ट्री दर्ज नहीं की जाएगी तांकि शहरी तथा देहाती इलाकों में काटी जा रही अवैध कालोनियों के विस्तार पर रोक लगाई जा सके। मगर तहसील में फैले भ्रष्टाचार के कारण अभी भी सरेआम बिना एनओसी के रजिस्ट्रियां दर्ज की जा रही है जिसके बदले हजारों रुपये की रिश्वत का खेल चलता है। पंजाब में सबसे ज्यादा बदनाम जालन्धर की दोनो तहसीलें है जहां सबसे अधिक रिश्वत का बोल बाला है। आने वाले दिनोँ में यह मामला काफी तूल पकड़ता दिखाई दे रहा है।
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